News Blog Fact Check Press Release Jobs Event Product FAQ Local Business Lists Live Music Recipe

हिमालय में लगातार तीसरे साल घट रही बर्फ, बढ़ता तापमान बढ़ा रहा जल संकट और आपदा का खतरा

हिंदूकुश हिमालय में लगातार तीसरे साल सामान्य से कम बर्फबारी हुई है। बढ़ते तापमान और कम होती बर्फ से जल संकट व पर्वतीय आपदाओं का खतरा बढ़ने की आशंका है।

Published on

लगातार तीसरे साल घट रही हिमालय की बर्फ, बढ़ता तापमान बढ़ा रहा जल संकट और आपदा का खतरा

स्थान: देहरादून, उत्तराखंड

हिंदूकुश हिमालय में सामान्य से कम बर्फबारी और बर्फ के कम समय तक टिकने का सिलसिला लगातार तीसरे वर्ष देखने को मिला है। सर्दियों में पहाड़ों पर प्राकृतिक रूप से तैयार होने वाला जल भंडार घटने से आने वाले समय में जल संकट और आपदाओं का खतरा बढ़ने की आशंका है। हिमालय दिवस के अवसर पर सामने आई यह तस्वीर पर्वतीय पारिस्थितिकी में तेजी से हो रहे बदलाव की ओर गंभीर संकेत कर रही है।

हिमालय अब केवल बर्फ और ठंड के लिए पहचाना जाने वाला क्षेत्र नहीं रह गया है। पर्वतीय क्षेत्र मैदानी इलाकों की तुलना में तेजी से गर्म हो रहे हैं और इसका सबसे स्पष्ट असर 3,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। हिंदूकुश हिमालय में बर्फ के टिके रहने की अवधि लगातार कम हो रही है। जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पिछले करीब दो दशकों के दौरान तापमान में लगभग एक डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि दर्ज की गई है।

ऊंचाई बढ़ने के साथ तापमान में असामान्य वृद्धि

आईआईटी रुड़की में इंटरनेशनल सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन डैम्स के संयुक्त संकाय सदस्य वैज्ञानिक प्रो. अंकित अग्रवाल के विश्लेषण के अनुसार, ऊंचाई बढ़ने के साथ तापमान में होने वाली असामान्य वृद्धि को ‘ऊंचाई-निर्भर तापन’ कहा जाता है। इसका सीधा प्रभाव बर्फ और हिमनदों पर पड़ रहा है।

जम्मू-कश्मीर के मौसम केंद्रों के अध्ययन में भी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान बढ़ने का स्पष्ट रुझान सामने आया है। पहलगाम और गुलमर्ग जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में करीब दो दशकों के दौरान तापमान वृद्धि लगभग एक डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गई है। कई पर्वतीय इलाकों में रात के न्यूनतम तापमान में भी तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है।

बर्फ कम हुई तो बढ़ेगी गर्मी

विशेषज्ञों के अनुसार बर्फ की सफेद सतह सूर्य की किरणों को काफी हद तक परावर्तित कर देती है, जबकि बर्फ हटने के बाद सामने आने वाली चट्टान और मिट्टी सूर्य की अधिक ऊर्जा सोखती हैं। इससे जमीन का तापमान बढ़ता है और बची हुई बर्फ तेजी से पिघलने लगती है। यानी बर्फ कम होने से गर्मी बढ़ती है और बढ़ती गर्मी बर्फ के पिघलने की प्रक्रिया को और तेज कर देती है।

केदारनाथ से धराली तक दिखा बढ़ता खतरा

हिमालय में बदलते मौसम के खतरनाक परिणाम पहले भी सामने आ चुके हैं। वर्ष 2013 की केदारनाथ त्रासदी और जुलाई 2023 में हिमाचल प्रदेश में आई विनाशकारी बाढ़ ने दिखाया कि कम समय में होने वाली अत्यधिक बारिश और अन्य मौसमी घटनाएं कितनी बड़ी तबाही ला सकती हैं। अगस्त 2025 में उत्तरकाशी के धराली में कुछ ही मिनटों में आए मलबे के तेज प्रवाह ने भी पर्वतीय क्षेत्रों में बढ़ते जोखिम की गंभीर तस्वीर सामने रखी।

अब बारिश की मात्रा से ज्यादा उसकी रफ्तार महत्वपूर्ण

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में केवल यह देखना पर्याप्त नहीं होगा कि किसी क्षेत्र में कुल कितनी बारिश हुई। यह भी देखना होगा कि बारिश किस घाटी में हुई, कितनी कम अवधि में हुई और उसके बहाव की चपेट में कौन-सी बस्ती, सड़क, पुल या नदी क्षेत्र आ सकता है।

मौसम निगरानी और हिमनदों की निगरानी बढ़ाने की जरूरत

इसके लिए ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम निगरानी केंद्रों का नेटवर्क मजबूत करने, हिमनद झीलों की लगातार निगरानी करने और संवेदनशील बस्तियों को जोखिम के आधार पर चिह्नित करने की जरूरत है। हिमालय का बढ़ता तापमान केवल पर्यावरणीय संकट नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर जल स्रोतों, सड़क, खेती, पर्यटन और पर्वतीय आबादी की सुरक्षा पर पड़ने वाला है।

निष्कर्ष

हिमालय में लगातार तीसरे वर्ष बर्फबारी और बर्फ के टिकने की अवधि में कमी पर्यावरण विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय है। बढ़ता तापमान, तेजी से पिघलती बर्फ और बदलता वर्षा पैटर्न भविष्य में जल संकट और पर्वतीय आपदाओं के जोखिम को बढ़ा सकता है। ऐसे में समय रहते निगरानी, वैज्ञानिक अध्ययन और संवेदनशील क्षेत्रों में प्रभावी आपदा प्रबंधन ज

Want to engage with this content?

Like, comment, or share this article on our main website for the full experience!

Go to Main Website for Full Features

NNN Buzz Editorial Team

Senior News Editor & Content Team

NNN Buzz Editorial Team delivers breaking news, trending stories, entertainment, technology, sports, business, and world updates with fast, accurate, and engaging coverage.

More by this author →

Published by · Editorial Policy

NNN Buzz: Latest News, Viral Stories & Lucknow Breaking UpdatesStay updated with NNN Buzz for breaking news, trending stories, entertainment, technology, sports, business, lifestyle, and viral updates from India and around the world.

👉 Read Full Article on Website