‘सलाम’ और ‘इंशाअल्लाह’ वाले वीडियो से चर्चा में आईं IPS बुशरा बानो, विवाद के बीच तबादला
पश्चिम बंगाल कैडर की आईपीएस अधिकारी बुशरा बानो इन दिनों अपने एक सोशल मीडिया वीडियो को लेकर चर्चा में हैं। वीडियो में उन्होंने अपनी सिविल सेवा यात्रा और संघर्ष के बारे में बात करते हुए ‘अस्सलामु अलैकुम’, ‘इंशाअल्लाह’ और ‘जजाकल्लाह’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसको लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आईं और एक संगठन की ओर से पश्चिम बंगाल के गृह सचिव के समक्ष शिकायत किए जाने की बात सामने आई। इसी घटनाक्रम के बीच बुशरा बानो का तबादला कर दिया गया। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में तबादले का आधिकारिक कारण शिकायत से सीधे तौर पर जोड़े जाने की पुष्टि नहीं हुई है।
खड़गपुर की एडिशनल एसपी से राज्य सशस्त्र पुलिस में तबादला
बुशरा बानो खड़गपुर में एडिशनल सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस के पद पर तैनात थीं। 14 सितंबर 2026 को उन्हें राज्य सशस्त्र पुलिस में डिप्टी कमांडेंट के पद पर स्थानांतरित किया गया। उनके तबादले के बाद सोशल मीडिया वीडियो से जुड़े विवाद को लेकर चर्चा और तेज हो गई।
रिपोर्टों के मुताबिक, इसी फेरबदल में खड़गपुर में एडिशनल एसपी के पद पर पार्थ घोष की नियुक्ति की गई है। सरकार की ओर से बुशरा बानो के तबादले को लेकर अलग से कोई ऐसा स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है, जिसमें वीडियो विवाद या शिकायत को आधिकारिक वजह बताया गया हो।
वीडियो में क्या कहा था बुशरा बानो ने?
बुशरा बानो ने अपने वीडियो में अपनी यूपीएससी यात्रा और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमी से जुड़े अनुभवों के बारे में बात की थी। वीडियो की शुरुआत में उन्होंने ‘अस्सलामु अलैकुम’ कहा और बातचीत के दौरान ‘इंशाअल्लाह’ तथा अंत में ‘जजाकल्लाह’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया।
वीडियो का मूल विषय सिविल सेवा की तैयारी और उनके व्यक्तिगत अनुभवों से जुड़ा था। हालांकि, धार्मिक अभिवादन और शब्दों के इस्तेमाल को लेकर सोशल मीडिया पर एक वर्ग ने आपत्ति जताई।
संगठन ने गृह सचिव के समक्ष की शिकायत
‘हिंदू लीगल फंड’ नाम के संगठन ने बुशरा बानो के वीडियो को लेकर पश्चिम बंगाल के गृह सचिव के समक्ष शिकायत किए जाने का दावा किया। शिकायत में वीडियो में इस्तेमाल किए गए धार्मिक शब्दों पर आपत्ति जताई गई थी। संगठन ने एक सरकारी अधिकारी की सार्वजनिक संचार शैली को लेकर सवाल उठाए।
यह शिकायत और इसके बाद हुआ प्रशासनिक तबादला अब इस पूरे मामले की चर्चा का प्रमुख कारण बन गया है। हालांकि, शिकायत और तबादले के बीच सीधे प्रशासनिक संबंध की आधिकारिक पुष्टि अलग से सामने नहीं आई है।
कन्नौज से निकलकर IPS बनने तक का सफर
बुशरा बानो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले की रहने वाली हैं। उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से मैनेजमेंट स्टडीज में पीएचडी की है। इसके अलावा उन्होंने UGC-NET और JRF भी हासिल किया। शादी के बाद भी उन्होंने अपनी पढ़ाई और सिविल सेवा की तैयारी जारी रखी। सऊदी अरब में रहने के दौरान उन्होंने असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में भी काम किया।
दो बार पास की UPSC परीक्षा
बुशरा बानो ने वर्ष 2018 में पहली बार यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास की। उन्हें ऑल इंडिया रैंक 277 मिली और उनका चयन इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विस के लिए हुआ। हालांकि, गर्भावस्था के कारण वह उस समय सेवा में शामिल नहीं हो सकीं।
इसके बाद उन्होंने दोबारा यूपीएससी परीक्षा दी और ऑल इंडिया रैंक 234 हासिल की। इस बार उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा यानी IPS के लिए हुआ।
2021 बैच की IPS अधिकारी हैं बुशरा बानो
बुशरा बानो पश्चिम बंगाल कैडर की 2021 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। उनकी पहली नियुक्ति हुगली ग्रामीण में असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस के पद पर हुई थी। बाद में उन्हें पदोन्नति देकर एडिशनल सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस बनाया गया और वह खड़गपुर में तैनात रहीं।
वीडियो विवाद के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा
बुशरा बानो के वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ संगठनों और सोशल मीडिया यूजर्स ने धार्मिक शब्दों के इस्तेमाल पर सवाल उठाए, जबकि दूसरी ओर इस वीडियो को उनकी व्यक्तिगत सिविल सेवा यात्रा और यूपीएससी अभ्यर्थियों के लिए प्रेरक संदेश के तौर पर देखा गया।
फिलहाल बुशरा बानो का तबादला राज्य सशस्त्र पुलिस में डिप्टी कमांडेंट के पद पर हो चुका है। इस बीच वीडियो, शिकायत और तबादले के बीच संबंध को लेकर चर्चा जारी है, लेकिन तबादले का आधिकारिक कारण स्पष्ट रूप से सार्वजनिक नहीं किया गया है।