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lucknow news: IB की हिरासत में Lola Kayumova, विदेशी महिलाओं के कथित नेटवर्क की जांच तेज
लखनऊ: राजधानी लखनऊ में विदेशी नागरिकों से जुड़े कथित सेक्स-ट्रैफिकिंग नेटवर्क की जांच में नया मोड़ सामने आया है। करीब एक साल से जांच एजेंसियों की तलाश में बताई जा रही उज्बेकिस्तान की नागरिक लोला कायूमोवा (Lola Kayumova) को खुफिया एजेंसी आईबी ने हिरासत में लिया है। इसके बाद उसे लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाने की पुलिस के हवाले किया गया, जहां उससे कई घंटे तक पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है।
जांच एजेंसियां अब लोला कायूमोवा के कथित संपर्कों और उससे जुड़े नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं। इस जांच में विदेशी महिलाओं को भारत और लखनऊ तक लाने, उनके रहने की व्यवस्था कराने और कथित तौर पर उन्हें देह व्यापार के नेटवर्क में शामिल किए जाने से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है।
करीब एक साल से तलाश में थी लोला कायूमोवा
बताया जा रहा है कि विदेशी महिलाओं के लखनऊ में कथित तौर पर अवैध रूप से रहने और उनके दस्तावेजों से जुड़े मामले की जांच के दौरान लोला कायूमोवा का नाम सामने आया था। इसके बाद से ही पुलिस और जांच एजेंसियां उसकी तलाश कर रही थीं।
करीब एक साल तक जांच एजेंसियों की पकड़ से बाहर रहने के बाद अब आईबी द्वारा उसे ट्रेस किए जाने के बाद हिरासत में लिया गया है। लोला से पूछताछ के जरिए जांच एजेंसियां कथित नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही हैं।
विदेशी महिलाओं को लखनऊ लाने का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, लोला पर आरोप है कि वह नेपाल और उज्बेकिस्तान से विदेशी महिलाओं को कथित तौर पर अवैध तरीके से लखनऊ लाती थी। इसके बाद शहर के पॉश इलाकों में उनके रहने के लिए फ्लैट उपलब्ध कराने और उन्हें कथित देह व्यापार के नेटवर्क से जोड़ने की बात जांच में सामने आई है।
हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी जारी है और जांच पूरी होने से पहले इन्हें अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता।
प्लास्टिक सर्जरी के एंगल की भी जांच
इस मामले में जांच का एक अहम पहलू महिलाओं की पहचान बदलने से जुड़ा बताया जा रहा है। जांच एजेंसियों को कथित तौर पर शक है कि कुछ महिलाओं के चेहरे और हुलिए में बदलाव कराने के लिए प्लास्टिक सर्जरी का सहारा लिया गया हो सकता है।
अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यदि ऐसा हुआ है तो इसमें किन लोगों की भूमिका थी, महिलाओं की पहचान बदलने की व्यवस्था किसने कराई और इसके पीछे आर्थिक लेन-देन किस तरह हुआ।
नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल?
लोला कायूमोवा से पूछताछ के बाद जांच एजेंसियों का फोकस अब कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने पर है। विदेशी महिलाओं को लखनऊ तक पहुंचाने से लेकर उनके रहने की व्यवस्था, दस्तावेजों और कथित तौर पर ग्राहकों तक पहुंचाने में किस-किस व्यक्ति की भूमिका थी, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस कथित नेटवर्क का संचालन किस स्तर पर किया जा रहा था और इसके पीछे कोई संगठित गिरोह या मुख्य संचालक तो नहीं था।
जांच के बाद ही साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल लोला कायूमोवा से पूछताछ और मामले की जांच जारी है। जांच एजेंसियां उसके संपर्कों, कथित नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं।
इस मामले में सामने आए आरोपों और आशंकाओं को लेकर यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ये जांच के स्तर पर सामने आए दावे हैं। अदालत में आरोप साबित होने और जांच पूरी होने तक किसी भी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता।
लोला कायूमोवा की हिरासत के बाद अब इस मामले में कई अहम सवाल सामने हैं—विदेशी महिलाओं को लखनऊ तक कौन पहुंचाता था? उनके दस्तावेजों की व्यवस्था कौन करता था? कथित तौर पर पहचान बदलने में किसकी भूमिका थी? और इस पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक कौन है?
इन सवालों के जवाब जांच आगे बढ़ने के साथ सामने आने की उम्मीद है।

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