मूसलधार बारिश से पिथौरागढ़ में तबाही, 17 सड़कें बंद; चीन सीमा से संपर्क प्रभावित
पिथौरागढ़: सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में पिछले 48 घंटों से जारी मूसलधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रहे भूस्खलन, बोल्डर गिरने और सड़कों पर मलबा आने से जिले के कई प्रमुख मार्ग बाधित हो गए हैं। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मार्गों के बंद होने से चीन सीमा से जुड़े क्षेत्रों में भी आवाजाही प्रभावित हुई है।
टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे पर 36 घंटे से यातायात ठप
टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर घाट के समीप पहाड़ी से लगातार भारी बोल्डर और मलबा गिर रहा है। इसके चलते पिछले करीब 36 घंटे से यातायात ठप है। हाईवे के दोनों ओर सैकड़ों वाहन फंसे हुए हैं। कूलागाड़ के पास भी मलबा आने के कारण मार्ग बंद हो गया है।
कैलास मानसरोवर मार्ग पर भी आवाजाही प्रभावित
कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर गस्कू और मलघाट के पास भारी बोल्डर गिरने से यातायात प्रभावित हुआ है। वहीं, एस-बैंड के समीप सड़क का बड़ा हिस्सा बह जाने से चीन सीमा की ओर जाने वाली आवाजाही बाधित हो गई है। मुनस्यारी-मिलम मार्ग पर भी विशालकाय बोल्डर गिरने के कारण यातायात पूरी तरह बंद है।
काली नदी ने पार किया चेतावनी स्तर
धारचूला में लगातार बारिश के बीच काली नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर को पार कर गया है। जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने नदी किनारे बसे इलाकों में अलर्ट जारी किया है। लोगों को सतर्क रहने और नदी के आसपास नहीं जाने की सलाह दी गई है।
17 संपर्क मार्ग बंद, दर्जनों गांव प्रभावित
भूस्खलन और मलबा आने के कारण जिले के करीब 17 संपर्क मार्ग बंद हैं। इससे दर्जनों गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त होने के कारण लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मार्ग खोलने में जुटी मशीनरी और टीमें
प्रशासन और संबंधित विभाग बंद मार्गों को खोलने के लिए मशीनरी और कर्मचारियों को मौके पर भेजकर राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं। हालांकि, लगातार हो रही बारिश और पहाड़ियों से मलबा गिरने के कारण मार्ग खोलने के काम में भी बाधा आ रही है।