दिव्यांगता प्रमाणपत्र के नाम पर 5 हजार की रिश्वत, जिला अस्पताल का ऑर्थोपेडिक सर्जन रंगेहाथ गिरफ्तार
रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में विजिलेंस टीम ने रुद्रप्रयाग जिला अस्पताल में तैनात ऑर्थोपेडिक सर्जन को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि चिकित्सक ने एक व्यक्ति से दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनाने के एवज में रिश्वत की मांग की थी।
शिकायत के बाद विजिलेंस ने बिछाया जाल
जानकारी के मुताबिक, रिश्वत मांगे जाने की शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने मामले की जांच शुरू की। शिकायत की पुष्टि होने के बाद मंगलवार को टीम ने जिला अस्पताल में ट्रैप की कार्रवाई की। तय योजना के तहत शिकायतकर्ता ने डॉक्टर को पांच हजार रुपये दिए। जैसे ही डॉक्टर ने कथित तौर पर रिश्वत की रकम स्वीकार की, विजिलेंस टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।
आवास पर भी की गई छापेमारी
गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम ने आरोपी डॉक्टर के आवास पर भी छापेमारी की। इस दौरान टीम ने संबंधित दस्तावेजों और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों की जांच की। अधिकारियों ने आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी डॉक्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है। पूछताछ और अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए आरोपी को देहरादून लाया जाएगा। मामले में विजिलेंस की जांच जारी है।