Stock Market Crash: ये 3 बड़े कारण... अचानक शेयर बाजार में आया भूचाल, देखते ही देखते 1400 अंक टूटा सेंसेक्स
शेयर बाजार में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत भले ही तेज बढ़त के साथ हुई, लेकिन कुछ ही देर में बाजार की तस्वीर पूरी तरह बदल गई। सेंसेक्स और निफ्टी शुरुआती तेजी को कायम नहीं रख सके और कारोबार बढ़ने के साथ तेज गिरावट देखने को मिली। BSE Sensex दिन के हाई लेवल से 1400 अंक से ज्यादा टूटकर बंद हुआ, जबकि NSE Nifty भी अपने दिन के उच्च स्तर से करीब 474 अंक फिसल गया।
तूफानी तेजी के बाद अचानक बाजार में गिरावट
मंगलवार को शेयर बाजार की शुरुआत मजबूत तेजी के साथ हुई थी। निवेशकों को उम्मीद थी कि पिछले सप्ताह की कमजोरी के बाद बाजार में सुधार जारी रहेगा। हालांकि, यह तेजी ज्यादा देर नहीं टिक सकी और करीब एक घंटे बाद सेंसेक्स और निफ्टी में बिकवाली का दबाव बढ़ने लगा।
कारोबार समाप्त होने पर BSE Sensex 777 अंक की गिरावट के साथ 74,003 के स्तर पर बंद हुआ। यह इसके दिन के उच्च स्तर से करीब 1,433 अंकों की गिरावट है।
इसी तरह NSE Nifty ने भी पिछले बंद स्तर 23,398 की तुलना में तेजी के साथ 23,576 पर कारोबार शुरू किया और दिन में 23,592 के स्तर तक पहुंचा। इसके बाद इसमें तेज गिरावट आई और यह अपने दिन के हाई से करीब 474 अंक फिसलकर 23,118 के स्तर पर बंद हुआ।
शेयर बाजार में गिरावट के 3 बड़े कारण
मंगलवार की बाजार गिरावट के पीछे कई वैश्विक और घरेलू संकेतों का असर माना जा रहा है। इनमें कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल और India VIX में तेजी प्रमुख कारणों में शामिल हैं।
पहला कारण: अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमत
वेस्ट एशिया में अमेरिका-ईरान तनाव और मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ाई है। इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude की कीमत 107 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई।
तेल की कीमतों में तेजी से महंगाई बढ़ने की आशंका मजबूत होती है। इससे निवेशकों की चिंता बढ़ती है और शेयर बाजार के सेंटीमेंट पर दबाव देखने को मिलता है।
दूसरा कारण: 10 साल की अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल
शेयर बाजार में गिरावट का दूसरा बड़ा कारण अमेरिकी बॉन्ड मार्केट से जुड़ा रहा। सोमवार को बेंचमार्क 10-वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 5 फीसदी तक पहुंच गई, जो अक्टूबर 2023 के बाद का ऊंचा स्तर बताया जा रहा है।
10 साल की अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को वैश्विक वित्तीय बाजारों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है। इसके अलावा पिछले कारोबारी सत्र में अमेरिकी शेयर बाजार में आई कमजोरी का असर भी मंगलवार को भारतीय बाजार पर दिखाई दिया।
तीसरा कारण: India VIX में अचानक उछाल
बाजार में गिरावट के बीच India VIX में भी तेज उछाल देखने को मिला। India VIX को शेयर बाजार में निवेशकों की आशंकाओं और संभावित उतार-चढ़ाव का प्रमुख संकेतक माना जाता है। इसमें करीब 6 फीसदी की बढ़त के साथ यह 13 के पार पहुंच गया।
वैश्विक तनाव, तेल की बढ़ती कीमतों और बढ़ती अस्थिरता के बीच VIX में उछाल ने बाजार में बिकवाली के दबाव को और बढ़ाया।
इन बड़े शेयरों में भी दिखी तेज गिरावट
Stock Market Crash के दौरान कई बड़े लार्जकैप शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। इनमें BEL में करीब 5 फीसदी, IndiGo में 3.56 फीसदी, Bajaj Finserv में 2.96 फीसदी, Adani Ports में 2.50 फीसदी और SBI में 2.42 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई।
इसके अलावा Titan, Bajaj Finance, Asian Paints, M&M और Trent जैसे शेयरों में भी दबाव देखने को मिला।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखती है बाजार की गिरावट?
वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बदलाव जैसे कारक भारतीय शेयर बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे माहौल में बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने की संभावना बनी रहती है।
निष्कर्ष
मंगलवार को शेयर बाजार में आई तेज गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआती तेजी के बाद हुई बड़ी बिकवाली के पीछे वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और India VIX में तेजी जैसे प्रमुख कारण रहे।
नोट: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। किसी भी तरह का निवेश निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या बाजार विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।