उत्तराखंड में बारिश का असर: 136 ट्रेकर्स फंसे, हेलीकॉप्टर से होगा रेस्क्यू
देहरादून: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के बीच पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रेकिंग पर गए पर्यटकों की सुरक्षा प्रशासन के लिए चुनौती बन गई है। उत्तरकाशी में 10 ट्रेकिंग दलों के 136 ट्रेकर्स फंसे हुए हैं। उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए हेलीकॉप्टर रेस्क्यू की तैयारी की जा रही है। वहीं, बागेश्वर में भी 43 ट्रेकर्स को मौसम खराब होने के कारण सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है।
48 घंटे से बारिश का दौर जारी
प्रदेश में पिछले करीब 48 घंटे से कई इलाकों में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान भी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। उत्तरकाशी और देहरादून में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।
मुख्य सचिव ने आपदा प्रबंधन की समीक्षा की
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने रविवार को राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर प्रदेश में बारिश और उससे उत्पन्न परिस्थितियों की समीक्षा की। उन्होंने आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक की और सभी जिलाधिकारियों से जिलों की स्थिति की जानकारी ली। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को 24×7 अलर्ट मोड पर रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त हेलीकॉप्टर होंगे उपलब्ध
उत्तरकाशी में फंसे ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालने के लिए हेलीकॉप्टर रेस्क्यू की तैयारी की गई है। मुख्य सचिव ने यूकाडा के माध्यम से पर्याप्त संख्या में हेलीकॉप्टर तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त हेलीकॉप्टरों की व्यवस्था करने को भी कहा गया है। दुर्गम और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदलने की स्थिति को देखते हुए रेस्क्यू की रणनीति परिस्थितियों के अनुसार बदलने के निर्देश दिए गए हैं।
हर हेलीकॉप्टर में सैटेलाइट फोन अनिवार्य
रेस्क्यू अभियान के दौरान संचार व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए प्रत्येक हेलीकॉप्टर में सैटेलाइट फोन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इससे मोबाइल नेटवर्क से बाहर के क्षेत्रों में भी रेस्क्यू टीमों के बीच संपर्क बनाए रखने में मदद मिलेगी।
एम्स ऋषिकेश और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज अलर्ट
रेस्क्यू के बाद ट्रेकर्स की स्वास्थ्य जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग को भी तैयार रहने को कहा गया है। एम्स ऋषिकेश और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को आवश्यक स्थिति में तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अलर्ट किया गया है।
चारधाम यात्रा पर मौसम के हिसाब से फैसला
चारधाम यात्रा को लेकर भी प्रशासन को मौसम और सड़क की वास्तविक स्थिति के आधार पर निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं। अत्यधिक बारिश या मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोकने और हालात सामान्य होने पर ही आगे भेजने को कहा गया है।
नदियों के जलस्तर पर 24 घंटे नजर
लगातार बारिश के बीच नदियों के बढ़ते जलस्तर को लेकर सभी जिलों में 24 घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। नदी किनारे रहने वाले लोगों को जलस्तर बढ़ने की स्थिति में समय रहते अलर्ट करने और डैम-बैराज से पानी छोड़े जाने पर डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में पहले से सूचना पहुंचाने को कहा गया है।
अगले 24 घंटे में बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन का फोकस संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, रेस्क्यू व्यवस्था मजबूत रखने और पर्वतीय इलाकों में पर्यटकों व तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है।